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ग्रीन टी के फायदे

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ग्रीन टी को धरती पर पाए जाने वाले सबसे स्वास्थ्यप्रद पेय पदार्थों में से एक माना जाता है। ग्रीन टी अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए बहुत ही प्रसिद्ध है। ग्रीन टी के फायदे की बात करें तो ग्रीन टी के निम्नलिखित फायदे हो सकते हैं –

  • दिमाग को एक्टिव रखना।
  • चर्बी को घटाने
  • कैंसर से बचाना 
  • हृदय रोगों के जोखिम को कम करना के साथ कई अन्य लाभ भी होते हैं।

स्वस्थ बायोएक्टिव कंपाउड पाए जाते हैं ग्रीन टी में

ग्रीन टी के फायदे की बात करते हुए आपको बता दें कि ग्रीन टी सिर्फ एक सामान्य सी और हाइड्रेटिंग पेय पदार्थ ही नहीं है बल्कि इस हरी चाय के पौधे में कई अन्य तरह के स्वस्थ कंपाउड भी पाए जाते है। यह चाय पॉलीफेनोल्स से भरपूर होती हैं और यह नेचुरल कंपाउड होते हैं जिनके कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं, जैसे कि सूजन को कम करने का काम करना और साथ ही कैंसर से लड़ने में भी काफी अधिक मदद करना। ग्रीन टी में एपिगैलोकैटेचिन-3-गैलेट (ईजीसीजी) नामक कैटेचिन पाया जाता है। कैटेचिन एक नेचुरल एंटीऑक्सिडेंट होता हैं जो कि कोशिका की क्षति को रोकने में काफी अधिक मदद करता हैं और साथ ही कई अन्य लाभ भी प्रदान करता हैं।

साथ ही ये पदार्थ हमारे शरीर में फ्री रेडिकल्स के निर्माण को काफी कम करने का काम करता हैं यह हमारी कोशिकाओं को नुकसान से भी बचाने का काम करता है। साथ ही ये फ्री रेडिकल्स उम्र के बढ़ने और कई तरह की बीमारियों से लड़के में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ईजीसीजी ग्रीन टी में पाए जाने वाले सबसे शक्तिशाली कंपाउड में से एक मानी जाती रही है। किए गए कई रिसर्चों में पता चला है कि विभिन्न बीमारियों के इलाज में मदद करने की इसकी क्षमता का टेस्ट भी किया गया है। यह ग्रीन टी के मुख्य कंपाउड में से एक है। ग्रीन टी में भी बहुत कम मात्रा में मिनरल्स भी पाए जाते हैं जो कि हमारे स्वास्थ्य को काफी अधिक लाभ पहुंचा सकते हैं और हमें स्वस्थ रख सकते हैं।

ग्रीन टी खरीदते समय किसी अच्छे ब्रांड का ही चुनाव करें क्योंकि बहुत कम गुणवत्ता वाले ब्रांड में फ्लोराइड की मात्रा काफी अधिक हो सकती है जो कि शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। 

दिमाग को मजबूत बनाता है ग्रीन टी

ग्रीन टी के फायदे को सामान्य तौर पर देखा जाए तो ग्रीन टी हमारे दिमाग को सचेत रखने के अलावा और भी बहुत सारे काम करती है या मस्तिष्क के काम को सही ढंग से करवाने में काफी अधिक मदद करती है। इसमें मुख्य तौर पर कैफीन पाया जाता है जो कि एक उत्तेजक होता है। सामान्य तौर पर देखा जाए तो इसमें पाया जानेवाला कैफीन कॉफी जितनी नहीं होती है पर इसमें पाया जानेवाला कैफ़ीन भी आप पर काफी अधिक प्रभाव छोड़ सकता है।

 कैफीन में एडीनोसिन नामक एक न्यूरोट्रांसमीटर को रोक करके हमारे मस्तिष्क को प्रभावित करने का काम करता है और इस तरह ये न्यूरॉन्स की फायरिंग, डोपामाइन और साथ ही नॉरपेनेफ्रिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर की एकाग्रता को काफी अधिक बढ़ाने का काम करते हैं। एक रिसर्च में यह पता चला है कि कैफीन मस्तिष्क के काम के विभिन्न पहलुओं में सुधार करने का काम कर सकता है और साथ ही जिसमें मूड को अच्छा बनाने, एक्टिवनेस बनाए रखने तथा याददाश्त को बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है देखा जाए तो ग्रीन टी हमारे लिए काफी अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है। ग्रीन टी में सिर्फ कैफीन ही नहीं पाई जाती बल्कि इसमें अमीनो एसिड भी ठीक ठाक पाया जाता है।

पाया जानेवाला एंटीऑक्सिडेंट कैंसर के खतरे को कर सकता है कम

कैंसर कोशिकाओं की बहुत अधिक वृद्धि होने के कारण होता है।यह दुनिया भर में मौत होने के प्रमुख कारणों में माना जाता रहा है। कई तरह की रिसर्च से पता चला है कि ऑक्सीडेटिव नुकसान से बहुत पुरानी सूजन भी हो सकती है और उसकी वजह से कैंसर जैसी बीमारियां भी हो सकती है एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने का काम पूरी तरह से करता है। ग्रीन टी बहुत अधिक एंटीऑक्सिडेंट देने के लिए जानी जाती रही है। 

दिमाग की उम्र को बढ़ाने का काम करती हैं ग्रीन टी

ग्रीन टी के फायदे की बात करें ग्रीन टी न सिर्फ बहुत कम समय में दिमाग के कामों को सुधार सकती है बल्कि हमारे मस्तिष्क की उम्र को बढ़ने से भी रोकने का काम ये करती है। अल्जाइमर रोग के बहुत ही सामान्य सा न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग होता है जोकि कई वृद्ध वयस्कों में ऐसा होने का महत्त्वपूर्ण कारण होता है। पार्किंसंस रोग एक अन्य सामान्य सा न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी भी होती है और इस दौरान दिमाग में डोपामाइन-उत्पादक न्यूरॉन्स बहुत जल्दी मृत होने लगते हैं।

कई तरह के रिसर्चों से पता चकता है कि ग्रीन टी के कैटेचिन कंपाउंड जा टेस्ट ट्यूब रिसर्च और कई जानवरों पर भी किया गया रिसर्च न्यूरांस को बचाने का काम कर सकते हैं और मनोभ्रंश के जोखिम को काफी अधिक कम कर सकते हैं।

सांसों की दुर्गंध को भी काफी अधिक कम कर सकती है ग्रीन टी

ग्रीन टी में पाया जाने वाला कैटेचिन मुंह के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अधिक फायदेमंद होता है। कई टेस्ट ट्यूब रिसर्च से पता चला है कि कैटेचिन बैक्टीरिया के विकास को रोकने का काम करता है और साथ ही होने वाले इंफेक्शन के जोखिम को कम करने का भी काम करता है।

 स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स मुंह में पाया जानेवाला एक बेहद ही आम जीवाणु होता है। यह मुंह में पट्टिका बनने का एक महत्त्वपूर्ण कारण बनता है और साथ ही दांतों की सड़न को बढ़ाने के लिए जाना जाता रहा है जिससे स्वास्थ्य को काफी अधिक नुकसान पहुंच सकता है।

कई तरह के रिसर्च से यह संकेत जरूर मिलता है कि ग्रीन टी में पाया जानेवाला कैटेचिन बैक्टीरिया विकास को रोकने में मदद कार्य है और बैक्टीरिया को खत्म करने का भी प्रयास करता है पर अभी इसके कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं जिससे अभी ये कहा जा सके कि इसमें ग्रीन टी का ही मुख्य प्रभाव रहा है। इस विषय में अभी और भी रिसर्च करने की जरूरत है जिससे परिणाम या फिर कहें कि रिसर्च का रिजल्ट स्पष्ट रूप से आ सके। रिसर्च के दौरान कई रिजल्ट ऐसे जरूर मिले हैं जोकि हमें ये बताते हैं कि फ्री टी सांसों की दुर्गंध को कम करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

टाइप 2 मधुमेह को रोकने में काफी अधिक मदद कर सकती है ग्रीन टी

अभी हाल फिलहाल के समय में टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित लोगों की संख्या काफी अधिक मात्रा में बढ़ी है और वह भी बेहद तेजी से। यह समस्या इतना अधिक फैल चुकी है कि हर 10 में से एक अमेरिकी व्यक्ति को टाइप 2 मधुमेह की समस्या ही और वो इससे जूझ रहा है।  

टाईप 2 मधुमेह में हाइब्रिड शुगर होने की संभावना बढ़ जाती है जिसकी वजह से शरीर में इंसुलिन का उत्पादन या फिर बनाने में काफी अधिक असमर्थ हो जाता है कई रिसर्च से यह भी पता चलता है कि ग्रीन टी इन्सुलिन के उत्पादन को बढ़ाने में समर्थ हो सकती है और ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में काफी अधिक मदद कर सकती है।

जापानी व्यक्तियों पर किए गए एक रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग सबसे अधिक ग्रीन टी का सेवन करते हैं उनको टाइप 2 मधुमेह होने का जोखिम लगभग 42 प्रतिशत कम था।  कुल 286,701 पर किए गए 7 रिसर्चों की समीक्षा करने से पता चकता है कि चाय पीने वालों को मधुमेह होने का जोखिम 18% कम हो जाता है।

हृदय रोग से बचाने में मदद कर सकता है ग्रीन टी

दिल की बीमारी या स्ट्रोक दुनिया भर में मौतों का सबसे प्रमुख कारण माना जाता रहा है। कई तरह के रिसर्च से पता चलता है कि ग्रीन टी इन बीमारियों के जोखिम को कम करने का काम करती है और इससे बचाने का काम भी करती है। ग्रीन टी पीने के फायदे में यह मुख्य फायदा है। ग्रीन टी कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल(बैड)कोलेस्ट्रॉल को कम करके स्वास्थ में भी काफी अधिक सुधार करती है और आपको स्वस्थ रखती है।

ग्रीन टी पीने के फायदे की बात करें तो ग्रीन टी ब्लड में एंटीऑक्सीडेंट की क्षमता को भी बढ़ाने का काम करती है जोकि एलडीएल पार्टिकल्स को ऑक्सीकरण की प्रक्रिया से भी बचाती है जोकि दिल की बीमारी को बढ़ाने का एक प्रमुख कारण माना जाता रहा है। दिल की बीमारियों के जोखिम कारकों पर ग्रीन टी के प्रभाव को देखते हुए आप यह जानकर जरूर आश्चर्य में पड़ जाएंगे कि जो लोग ग्रीन टी का सेवन करते हैं उनमें दिल के बीमारी से मृत्यु होने का जोखिम 31% तक कम हो जाता है।

वजन कम करने में बहुत अधिक मददगार हो सकता है ग्रीन टी

आप जानते हैं कि ग्रीन टी बहुत ही कम समय में मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का काम कर सकती है जिससे यह पता चलता है कि यह वजन कम करने में बहुत अधिक मदद कर सकती है। कई तरह के रिसर्च से पता चला है कि ग्रीन टी शरीर में फैट को कम करने में काफी अधिक मदद करती हैं और वह भी खासकर पेट के हिस्से में है फैले हुए फैट को यह अधिक आसानी से कम करती है।

12 सप्ताह तक 240 लोगों पर एक रिसर्च हुआ जिसमें सभी व्यक्ति मोटापे से ग्रस्त थे। इस रिसर्च में पता चलता है कि ग्रीन टी का सेवन करने वाले समूह के व्यक्तियों के शरीर में फैट का प्रतिशत, शरीर का वजन, कमर की चढ़ाई और पेट की चर्बी में बहुत अधिक कमी आई थी पर कई अन्य रिसर्च ऐसे भी हुए हैं जिसमें मनुष्य के वजन पर ग्रीन टी का बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ा है। इस बात से पता चलता है कि इस विषय में अभी और अधिक रिसर्च करने की जरूरत है।

बॉटम लाईन

ग्रीन टी पीने के फायदे के विषय में तो आप जान चुके हैं। यह आपको बहुत अधिक बेहतर महसूस करवा सकता है और साथ ही वजन कम करने, पुरानी बीमारियों की जोखिम को कम करने में मदद के लिए भी जाना जाता है। आप ग्रीन टी का इस्तेमाल नियमित रूप से कर सकते हैं।

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