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जायफल के फायदे

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जायफल एक बहुत ही लोकप्रिय मसाले के रूप में जाना जाता है जो कि मिरिस्टिका सुगंध के बीज से बना हुआ होता है, जो कि इंडोनेशिया में मूल रूप से पाया जानेवाला एक उष्णकटिबंधीय सदाबहार पेड़ है। यह साबुत बीज के रूप में पाया जाता है लेकिन इसे अक्सर पिसे हुए मसाले के रूप कई दुकानों पर बेचा जाता रहा है।

 यह गर्म होता है और इसका स्वाद थोड़ा अखरोट जैसा होता है और इसे अक्सर मिठाइयों और करी के साथ-साथ मुल्तानी शराब और चाय जैसे पेय में भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता रहा है। आइए जायफल के फायदे के बारे में विस्तार से जानते हैं।

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जायफल

जायफल के फायदे के बात करें तो जिस पेड़ के बीजों से जायफल को प्राप्त किया जाता है वो पौधों के विभिन्न कंपाउंड से भरपूर होता हैं जोकि आपके शरीर में एंटीऑक्सिडेंट के रूप में काम करते हैं और बहुत अधिक लाभ पहुंचाते हैं।

एंटीऑक्सिडेंट में कई तरह के कंपाउंड होते हैं जोकि हमारी कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। जब हमारे शरीर में फ्री रेडिकल्स का स्तर बहुत अधिक हो जाता है, तो ऑक्सीडेटिव तनाव होने लगता है। यह कई पुरानी स्थितियों या बीमारियों की शुरुआत और उसकी प्रगति से जुड़ा हुआ है, जैसे कि कुछ तरह के कैंसर और हृदय से जुड़े हुए रोग तथा न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग। एंटीऑक्सिडेंट फ्री रेडिकल्स को बेअसर करने का काम करते हैं, सेलुलर की क्षति को रोकते हैं और आपके फ्री रेडिकल्स के स्तर को नियंत्रण में भी रखने का काम करते हैं।

जायफल में एंटीऑक्सिडेंट की प्रचुरता बहुत अधिक होती है, जिसमें साइनाइडिन जैसे पौधे के रंग के द्रव्य कुछ जरुरी तेल, जैसे फेनिलप्रोपेनोइड्स और टेरपेन्स, और फेनोलिक कंपाउंड शामिल हैं, जिनमें प्रोटोकैच्यूइक, फेरुलिक और कैफिक एसिड इत्यादि शामिल हैं।

एंटी इंफ्लेमेटरी होता है जायफल

जायफल के फायदे की बात करें तो यह एंटी सूजन के रूप में भी काम करता है। पुरानी सूजन कई प्रतिकूल स्वास्थ्य स्थितियों या बीमारियों से भी जुड़ी हुई हो सकती है जैसे कि हृदय रोग या फिर मधुमेह और गठिया इत्यादि के कारण भी हो सकती है।

जायफल मोनोटेरपेन्स नामक सूजन को खत्म करने वाला कंपाउंड इसमें भरपूर पाया जाता है, जिसमें सैबिनिन, टेरपीनॉल और पिनीन इत्यादि शामिल हैं। ये हमारे शरीर में सूजन को कम करने में काफी अधिक मदद कर सकते हैं और सूजन से जूझने वाले लोगों को बहुत अधिक लाभ पहुंचा सकते हैं। साइनाइडिन और फेनोलिक कंपाउंड में भी कई शक्तिशाली एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।

एक रिसर्च में पाया गया है कि चूहों को सूजन पैदा करने वाले घोल के साथ इंजेक्शन लगाया गया और फिर उनमें से कुछ को जायफल का तेल भी दिया गया। तेल का सेवन करने वाले चूहों ने सूजन, सूजन से होनेवाला दर्द और जोड़ों की सूजन में बहुत महत्वपूर्ण कमी का अनुभव बड़े पैमाने पर किया।

सामान्य तौर पर माना जाता है कि जायफल में बढ़ावा देने वाले एंजाइमों पाए जाते हैं जो सूजन को रोककर उसे कम करने का काम करता है पर मनुष्यों पर पूरी तरह इस्तेमाल किए जाने से पहले इसपर और अधिक शोध की जरूरत है।

कामेच्छा को बढ़ाता है जायफल

कई जानवरों पर किए अध्ययन से पता चलता है कि जायफल सेक्स ड्राइव और उसमें प्रदर्शन को काफी अधिक बढ़ा सकता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि, नर चूहों को जायफल के अर्क (227 मिलीग्राम प्रति पाउंड या फिर शरीर के वजन के हिसाब से 500 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम) की अधिक खुराक दी गई थी। इसकी वजह से उनकी कामेक्षा में बढ़ोतरी हुई और उनके प्रदर्शन में भी सुधार हुआ।

इसी तरह के एक अन्य रिसर्च से पता चला है कि नर चूहों को जायफल निकालने की भी एक ही उच्च खुराक देने से उनके यौन गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन हुआ।

जीवाणुरोधी गुण पाए जाते हैं जायफल में

जायफल में बैक्टीरिया के कुछ अनुमानित प्रभाव के खिलाफ भी इसने अपना जीवाणुरोधी प्रभाव दिखाया है और काफी अधिक लाभदायक साबित हुआ है।

 स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स और एग्रीगेटीबैक्टर एक्टिनोमाइसेटेमकोमिटन्स जैसे बैक्टीरिया दंत गुहाओं और मसूड़ों की बीमारी का कारण बन सकते हैं।

एक टेस्ट-ट्यूब अध्ययन में पाया गया है कि जायफल के अर्क ने कई अन्य बैक्टीरिया के खिलाफ भी बेहद शक्तिशाली प्रदर्शन किया और उन्हें खत्म करने की कोशिश की जिसमें कि पोर्फिरोमोनस जिंजिवलिस भी शामिल है। इन जीवाणुओं को गुहाओं और मसूड़ों की सूजन का मुख्य कारण माना जाता रहा है।

जायफल भी ई. कोलाई बैक्टीरिया के हानिकारक विकास के कई प्रकारों को रोकने का काम करता है, जैसे कि O157। यह कई मनुष्यों में गंभीर बीमारी और यहां तक ​​कि मृत्यु का भी कारण बन सकता है।

हालांकि यह स्पष्ट रूप से तय है कि जायफल में कई जीवाणुरोधी गुण भी पाए जाते हैं। और यह निर्धारित करने के लिए मनुष्यों पर अभी और अधिक प्रयोग की जरूरत है। यह ओरल हेल्थ को भी बढ़ाने का काम करता है और आपको स्वस्थ रखने में एक बड़ी भूमिका निभाता है।

जायफल के कई अन्य फायदे

  • दिल की सेहत को जायफल बहुत अधिक फायदा पहुंचा सकता है। पशु पर किए गए रिसर्च से पता चलता है कि जायफल की अधिक खुराक लेने से हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है और इसके कारक भी कम हो जाते हैं जैसे कि हाई कोलेस्ट्रॉल और उच्च ट्राइग्लिसराइड का स्तर। पर बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल करने से पहले हमें मनुष्यों पर और अधिक रिसर्च करने की जरूरत है। 
  • मूड को बूस्ट करने का काम भी जायफल बेहद आसानी से कर सकता है। जानवरों पर किए गए एक रिसर्च में भी पाया गया है कि जायफल के अर्क ने चूहो में डिप्रेशन से लड़ने में बहुत अधिक मदद किया। जायफल ने उनकी इस क्षमता को काफी हद तक  विकसित किया है और इससे उनको बचाने में सफलता भी हासिल की है। यह निर्धारित करने के लिए अभी और रिसर्च की भी जरूरत है कि क्या जायफल के अर्क का मनुष्यों पर भी सामान्य प्रभाव पड़ता है।
  • ब्लड शुगर को भी जायफल नियंत्रित कर सकता है और सेहत में काफी अधिक सुधार भी कर सकता हैं। चूहों पर किए गए एक रिसर्च से यह भी पता चला है कि अधिक खुराक वाले जायफल के अर्क के साथ इलाज करने पर ब्लड शुगर के स्तर को काफी कम कर दिया और अग्नाशय के काम को भी बहुत अधिक बढ़ा दिया है। हालांकि इन सभी प्रभावों का टेस्ट केवल जायफल निकालने की अधिक खुराक का इस्तेमाल करने वाले जानवरों में ही किया गया है।

यह निर्धारित करने के लिए कि यह मनुष्यों पर जायफल के फायदे कितना अधिक प्रभावी होते है इसके लिए और अधिक रिसर्च की जरूरत होगी। मसालों की बहुत अधिक खुराक की खुराक मनुष्यों में कितनी अधिक सुरक्षित और प्रभावी होगी इसपर रिसर्च किया जाना जरूरी है।

बहुत स्वादिष्ट होता है जायफल

जायफल के फायदे में एक फायदा यह है कि ये बेहद स्वादिष्ट होता है। लोकप्रिय मसाले के रसोई घर में कई तरह के उपयोग देखे गए हैं। आप इसे अकेले भी इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर इसे कई अन्य मसालों, जैसे इलायची, दालचीनी और लौंग के साथ भी मिला सकते हैं। इसका स्वाद गर्म और मीठा होता है, यही वजह है कि इसे आमतौर पर डेसर्ट में भी जोड़ा जाता रहा है, जिसमें पाई, केक, कुकीज, ब्रेड, फ्रूट सलाद और कस्टर्ड इत्यादि शामिल हैं। यह पोर्क चॉप्स और लैंब करी जैसे दिलकश, नॉन वेज व्यंजनों में भी बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

जायफल को स्टार्च वाली सब्जियों जैसे कि शकरकंद, बटरनट स्क्वैश और कद्दू पर छिड़क कर उसके स्वाद को बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, आप इसे सेब साइडर, हॉट चॉकलेट, चाय, हल्दी से बने किसी व्यंजन में और स्मूदी सहित कई गर्म या ठंडे पेय पदार्थों में भी आप इसे मिला सकते हैं।

अगर आप साबुत जायफल का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आप इसे छोटे छेद वाले माइक्रोप्लेन या ग्रेटर से कद्दूकस कर लें। ताजा कद्दूकस किया हुआ जायफल ताजे फल, दलिया, या दही में डालने पर उसका स्वाद कई गुना तक बढ़ा सकता है।

जायफल को इस्तेमाल करते समय बरते जानेवाली सावधानियां

 देखा जाए तो जायफल का कम मात्रा में इस्तेमाल करने से किसी भी तरह के नुकसान होने की संभावना बिल्कुल नहीं होती है, लेकिन इसे अधिक मात्रा में लेने से कई दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं और आपको नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

इसमें मिरिस्टिसिन और सेफ्रोल कंपाउंड पाए जाते हैं।  जब बड़ी मात्रा में इसका सेवन किया जाता है, तो वे मतिभ्रम और मांसपेशियों में नुकसान जैसे लक्षण पैदा कर सकते हैं जोकि आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।

 2001 और 2011 के बीच किए गए एक रिसर्च में पता चला है कि अकेले अमेरिका के इलिनोइस राज्य में जायफल से होने वाले नुकसान के 32 मामले डॉक्टरो की जानकारी में आए हैं और उन्हें इलाज की जरूरत पड़ी है। इनमें से 47% मामले जायफल का उपयोग किए जाने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।

जायफल में पाए जाने वाले कई तरह के आवश्यक तेल का मुख्य घटक मिरिस्टिसिन, जिसमें कि कई शक्तिशाली गुण होते हैं, को कई विषाक्त पदार्थों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।

5 ग्राम जायफल का सेवन करने वाले लोगों में जायफल के माध्यम से नशे करने के मामले सामने आए हैं, जोकि शरीर के वजन के लिए हर पाउंड लगभग 1-2 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम के बारे में 0.5-0.9 मिलीग्राम मिरिस्टिसिन से मेल खाती है जिसका व्यापक प्रभाव देखा गया है।

बॉटम लाईन

जायफल एक ऐसा मसाला है जो कि दुनिया भर में अधिकतर व्यक्तियों की रसोई में काफी बड़ी मात्रा में पाया जाता है। इसका गर्म और पौष्टिक स्वाद कई खाद्य पदार्थों के साथ अच्छी तरह से जुड़ जाता है, जिससे यह मीठे और नमकीन व्यंजनों में समान रूप से एक बहुत लोकप्रिय कंपाउंड बन जाता है।

इसके कई उपयोगों के अलावा जायफल में कई शक्तिशाली कंपाउंड भी पाए जाते हैं जो कि एंटीऑक्सिडेंट के रूप में काफी अधिक काम करते हैं।  ये मूड और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के साथ दिल के स्वास्थ्य में काफी अधिक सुधार कर सकते हैं, हालांकि कई मनुष्यों में इन प्रभावों पर अधिक रिसर्च की भी जरुरत है।

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