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रेबीज के लक्षण

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रेबीज एक बहुत ही घातक वायरस है जोकि संक्रमित जानवरों की लार से आम लोगों में फैलता है।  रेबीज वायरस आमतौर पर जानवर के काटने से फैलता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में रेबीज को फैलाने वाले सबसे अधिक सम्भावित जानवरों में चमगादड़, कोयोट, लोमड़ी, रैकून और झालर इत्यादि शामिल हैं।  अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया के विकासशील देशों में आवारा कुत्तों से भी लोगों में रेबीज फैलने की सबसे अधिक संभावना होती है।

एक बार जब किसी व्यक्ति में रेबीज के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं तो यह रोग मृत्यु का भी कारण बन सकता है। इन्हीं कारणों से जिन लोगों को रेबीज होने का खतरा हो सकता है, उन्हें सुरक्षा के लिए रेबीज के टीके पहले ही लगवाने चाहिए।

रेबीज के लक्षण

 रेबीज के शुरूआती लक्षण फ्लू के जैसे ही हो सकते हैं और ये लक्षण कई दिनों तक रह सकते हैं।

 रेबीज के बाद के संकेतों और लक्षणों में निम्न लक्षण शामिल हो सकते हैं:

  • बुखार होना
  •  सिरदर्द का होना
  •  मतली का आना
  •  उल्टी करना करना
  •  घबराहट का होना
  • बहुत अधिक चिंता करना
  •  बहुत अधिक उलझन में रहना
  • किसी चीज को निगलने में कठिनाई का होना
  • बहुत अधिक लार का आना
  • दु: स्वप्न का आना
  • नींद न आने की शिकायत
  • पक्षाघात का होना

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए ?

अगर आपको किसी जानवर ने काट लिया है या आपको लगता है कि आप किसी ऐसे जानवर के संपर्क में है जिसके काटने से आपको रेबीज होने का बहुत अधिक संदेह होता है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और उनकी सलाह लें। आपको लगी चोट को देखकर और उसकी स्थिति को ध्यान मे रखकर आप और आपका डॉक्टर यह तय कर सकते हैं कि आपको रेबीज से बचाव के लिए उपचार प्राप्त करना चाहिए या नहीं।

रेबीज होने के कारण

 रेबीज का इंफेक्शन रेबीज वायरस के कारण ही होता है। यह वायरस संक्रमित जानवरों की लार से फैलता है।  संक्रमित जानवर दूसरे जानवर या किसी व्यक्ति को काटकर इस वायरस को तेजी से फैला सकते हैं।

कई मामलों में रेबीज तब फैल सकता है जब रेबीज वायरस से इंफेक्टेड लार किसी व्यक्ति के चोट या उसकी आंख सहित मुंह में चला जाए। रेबीज वायरस का इंफेक्शन तब भी हो सकता है जब कोई इंफेक्टेड जानवर आपकी त्वचा की चोट को चाटे।

रेबीज़ वायरस को फैलाने वाले वायरस

 कोई भी स्तनपायी जानवर रेबीज वायरस को फैलाने का  है। रेबीज वायरस फैलाने की सबसे ज्यादा संभावना वाले जानवर निम्नलिखित है:  

  •  पालतू जानवर
  •  बिल्ली l
  •  गायों के माध्यम से फैलना
  •  कुत्ते
  •  फेरेट्स
  •  बकरी
  •  घोड़ों के माध्यम से
  •  कई जंगली जानवर
  •  चमगादड़
  •  बीवर
  •  काइओट
  •  लोमड़ी
  •  बंदर
  •  रैकून
  •  फॉर्म में रहने वाले पशु
  •  वुडचुक्स

रेबीज़ वायरस में जोखिम

 रेबीज वायरस के जोखिम को बढ़ाने वाले कारकों में निम्नलिखित चीजें शामिल हैं:

  • विकासशील देशों में यात्रा करना या वहां पर रहना जहां कि रेबीज वायरस का पाया जाना बहुत अधिक आम है जिसमें कि अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया के देश शामिल हैं।
  • ऐसी गतिविधियाँ करना जिसकी वजह से आप जंगली जानवर के संपर्क में आ सकते हैं और आपको उनसे रेबीज होने की संभावना हो सकती है जैसे की गुफाओं में रहने वाले जानवर जिसमें सामान्यतः चमगादड़ को शामिल किया जाता है। 
  •  रेबीज वायरस के साथ लैब में प्रयोग करना
  •  सिर या गर्दन पर घाव का होना जोकि रेबीज वायरस को किसी व्यक्ति के दिमाग में जाने पर मदद कर सकता है।

रेबीज़ वायरस का निवारण

 पागल जानवरों के संपर्क में आने के जोखिम को कम करके आप रेबीज़ वायरससे बच सकते हैं। रेबीज़ वायरस का निवारण निम्न तरीके से हो सकता है:

 पालतू जानवरों का टीकाकरण करें

 रेबीज से बचाव के लिए पालतू जानवरों का टीकाकरण जरूर करवाएं और पशु चिकित्सक से जरूर पूछें कि टीका कब कब लगाया जाना चाहिए और कितना टीका लगाया जाना चाहिए। 

पालतू जानवरों को घर में रखें

पालतू जानवरों को घर के अंदर रखें और अगर वो बाहर है तो बाहर होने पर उसकी बहुत अच्छे से निगरानी करें। पालतू जानवरों को जंगली जानवरों के संपर्क में आने से रोकने की कोशिश करें क्योंकि वो रेबीज़ फैला सकते हैं।

जंगली जानवरों के पास न जाएं

 रेबीज वाले जंगली जानवर से लोगों को डरने की जरुरत है क्योंकि वो इस वायरस को सबसे तेजी से फैला सकते है। किसी जंगली जानवर का लोगों के साथ दोस्ताना व्यवहार करना एक सामान्य सी बात नहीं है, इसलिए ऐसे किसी भी जानवर से दूर रहें जो खतरनाक लगता हो।

चमगादड़ों को अपने घर से बाहर रखें

किसी भी ऐसी जगह को बंद कर दें जहां से चमगादड़ आपके घर में घुस सकते हैं।  यदि आप जानते हैं कि आपके घर में चमगादड़ हैं, तो चमगादड़ को जल्द से जल्द घर से बाहर कर दें।

यात्रा करते समय टीका लगवाएं

अगर आप कहीं जा रहे हैं तो रेबीज के टीके को जरूर लगवा कर जाएं।  यदि आप किसी ऐसे देश की यात्रा कर रहे हैं जहां रेबीज का होना बहुत अधिक सामान्य बात है और आप वहां लंबे समय तक रहने का विचार कर रहें हैं तो अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या आपको रेबीज का टीका लगवाना चाहिए या नहीं।

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